सफलता की कहानी:
नागौर में संजीवनी बनी भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना
नागौर में लाभान्वितों का आंकड़ा 19 हजार के पार




केस. 1

जयपुर, 19 अप्रेल। डीडवाना के बरड़वा गांव की बुजुर्ग महिला शांति कंवर ठीक से देख नहीं पाती थी। परिवार की आर्थिक ठीक नहीं होने के कारण वह ईलाज नहीं करवा पा रही थी। एक दिन वह डीडवाना के राजकीय चिकित्सालय में गई तो वहां बैठे स्वास्थ्य मार्गदर्शक ने एनएफएसए की सूची में नाम शामिल होने पर भामाशाह स्वास्थ्य बीमा येाजना में निशुल्क चिकित्सा लाभ लेने की जानकारी दी। बस फिर क्या था, नेत्र चिकित्सक को दिखाया और शांति कंवर का भामाशाह कार्ड एनएफएसए से लिंक होने की पुष्टि होते ही उन्हें बीएसबीवाई में भर्ती कर लिया गया। यहां नेत्र चिकित्सकों ने की टीम ने 18 अप्रेल की सुबह शांति कंवर की आंखों का ऑपरेशन कर दिया, अब ठीक से देख सकेगी।


केस. 2

लाडनूं के सींवा गांव के एक निजी वाहन चालक पदमाराम पेट में दर्द से करहा रही अपनी पत्नी सरोज को डीडवाना के उतम हॉस्पिटल लेकर आया। यहां विशेषज्ञ चिकित्सकों ने उसकी जांचें की तो पता चला कि पित्त की थैली में गडबड़ है। यहां स्वास्थ्य मार्गदर्शक ने पदमाराम से भामाशाह कार्ड मांगा और एनएफएसए की सूची में उसकी पत्नी का लिंक होने की जांच तो जानकारी सही मिली। बस, सर्जन डॉ. महेश राव ने 18 अप्रेल की सुबह सरोज का पित्त की थैली का ऑपरेशन कर दिया, वो भी कैशलेस। यह संभव हो पाया, भाामशाह स्वास्थ्य बीमा योजना से। सरोज ने होश में आने के बाद सरकार की इस योजना को कल्याणकारी व जीवनदायिनी बताया।

नागौर। लिछाना की केशर बाई और बरड़वा की शांति कंवर की आंखों में रोशनी लौटाई तो पेट में दर्द से करहा रही सींवा गांव की सरोज को भी भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना ने नया जीवन दिया। यह तो महज उदाहरण है। पूरे राज्य में इस योजना से लाभान्वितों 30 हजार से लेकर तीन लाख रूपए तक कैशलेस इलाज की सुविधा मुहैया करवाने वाली इस योजना में लाभान्वितों का आंकड़ा दिन-प्रतिदिन बढता जा रहा है।

नागौर जिले में 19150 से अधिक ऎसे मरीज हैं, जिन्हें भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना में जिनका 30 हजार से लेकर तीन लाख रूपए की लागत राशि तक कैशलेस इलाज मिला है। गरीबों को स्वास्थ्य की गारंटी मुहैया करवाने वाली इस कल्याणकारी योजना का पता अब दूरदराज के गांवों में बैठे आमजन को भी चल गया है। गांव में बैठी आशा सहयोगिनी और एएनएम तथा आंगनबाड़ी कार्यकर्ता भी भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना के प्रचार-प्रसार में अपना योगदान दे रही है। इससे राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा एक्ट की सूची में शामिल भामाशाह कार्ड धारी आमजन बीएसबीवाई का पूरा फायदा उठा रहे हैंं। इस योजना के तहत राज्य भर में बड़ी बीमारियों मुख्यतया बाईपास सर्जरी, हार्ट वाल्व रिपेयर, एंजिेयाप्लास्टि, जन्मजात हार्ट डिजीज, कैंसर, ब्रेन सर्जरी, स्पाइनल सर्जरी, यूरोलॉजी में डायलिसिस, कीडनी एवं ब्लेडर संबंधी रोगों, फेफड़ों की सर्जरी तथा प्लास्टिक सर्जरी जैसी बीमारियों में मरीजों का कैशलेस इलाज हुआ, जिसके लिए पहले मरीजों को पहले बड़ी रकम खर्च करनी पड़ती थी। भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना राज्य सरकार की पुनीत योजना है।

सरकारी अस्पतालों में जेएलएन हॉस्पिटल आगे

भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना में नागौर जिला मुख्यालय स्थित राजकीय जवाहर लाल नेहरू अस्पताल ने सर्वाधिक 2615 लोगों को कैशलेस इलाज की सुविधा से मुक्त करवाया है। योजना के जिला नोडल अधिकारी डॉ. आरके सारण ने बताया कि सरकारी चिकित्सा संस्थानों में  दूसरा नंबंर राजकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र कुचामन का आता है, जहां इस योजना से 1899 से अधिक लोगों को लाभान्वित किया गया है। इसी प्रकार सीएचसी बासनी में 1332, राजकीय बांगड़ अस्पताल, डीडवाना में 1127, सीएचसी मेड़ता सिटी में 1127, रियाबड़ी में 1115, डेगाना में 708, राजकीय गणपत राय सरावगी लाडनूं में 908 तथा सीएचसी परबतसर में 624 लोगों को बीएसबीवाई से लाभान्वित किया गया है।
इसी प्रकार सीएचसी मकराना में 502, जायल में 418, मारोठ में 388, छोटी खाटू में 326, नावां में 271, मौलासर में 269, गोटन 190, रोल 255, गच्छीपुरा 332, खींवसर 223, निम्बीजोधा 204, मूंडवा 203, बोरावड़ 207, पांचलासिद्धा 186, बाजवास 146 तथा सीएचसी कुचेरा में 160 लोगों को बीएसबीवाई से लाभान्वित किया जा चुका हैं।  इसी प्रकार सीएचसी गोटन में 190 मरीजों को बीसएबीवाई में लाभान्वित किया जा चुका है।

निजी अस्पतालों में कृष्णा हॉस्पिटल अग्रणी

भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना में नागौर जिले की सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में कुचामन की कृष्णा हॉस्पिटल ने सर्वाधिक 1087 लोगोे को लाभान्वित किया गया है। वहीं नागौर शहर की मारवाड़ अस्पताल में 538, मरूधर हॉस्पिटल में 329, श्रीआशाराम नवजीवन नवजीवन अस्पताल में 251, हरिराम अस्पताल में 235, भास्कर हॉस्पिटल में 52 तथा एएसजी आई हॉस्पिटल में 57 लोगों को कैशलेस इलाज मुहैया करवाया जा चुका है। वहीं  डीडवाना के उतम अस्पताल में 411, कुचामन के मारवाड़ जनाना अस्पताल में 538 तथा बासनी कस्बे  सुफिया हॉस्पिटल में 69 लोगों को बीएसबीवाई से लाभान्वित किया जा चुका हैं।