समानताएं

  • दोनों ही अनीश्वरवादी हैं
  • दोनों वैदिक यज्ञ-विधान तथा कर्मकाण्ड का विरोध करते हैं।
  • दोनों ही सांसरिक कर्म का वैदिक सिद्धांत नहीं मानते थे।
  • दोनों ही जाति प्रथा का विरोध करते हैं।
  • दोनों ही अपने उपदेश में प्राकृत एवं पाली भाषा का प्रयोग किया है।
  • जैन व बौद्ध धर्म के प्रवर्तक महावीर व बुद्ध क्षत्रिय थे।

असमानताएं

  • दोनों धर्म अहिंसावादी धर्म थे, परन्तु बौद्धों की तुलना में जैनियों ने अहिंसा पर अधिक बल दिया था।
  • जैन मोक्ष या निर्वाण के रूप में शरीर के त्याग पर विश्वास करते हैं, जबकि बौद्धों की नजर में निर्वाण अस्तित्व की समाप्ति है न कि शरीर का त्याग।
  • जैन धर्म आत्मा अथवा जीव को शाश्वत मानता है, जबकि बौद्ध धर्म ईश्वर के साथ-साथ आत्मा का भी विरोध करता है।
  • जैन काया क्लेश द्वारा कठोर व्रत के नियम का पालन करते हैं तथा शारीरिक दुःख के प्रति उदासीनता दिखाते हैं, जबकि बौद्ध धर्म मध्यम मार्ग अर्थात् न ज्यादा दुःख और न ज्यादा सुख को अपनाते हैं।