वारेन हेस्टिंग्स (1772-74)

  • बंगाल का अंतिम गवर्नर
  • बंगाल में द्वैध शासन को समाप्त किया।
  • 1772 में प्रत्येक जिले में एक फौजदारी तथा दीवानी अदालतों की स्थापना।
  • बंगाल के गवर्नर जनरल वारेन हेस्टिंग्स (1774-85)
  • रेग्युलेटिंग एक्ट (1773) के तहत वारेन हेस्टिंग्स को बंगाल का प्रथम गवर्नर जनरल बनाया गया।
  • 1781 का अधिनियम- इसके तहत गवर्नर जनरल तथा उसकी काउंसिल एवं कलकत्ता उच्च न्यायालय के मध्य शक्तियों का कार्यक्षेत्र स्पष्ट रूप से विभाजित कर दिया गया। नंद कुमार पर अभियोग लगाकर फाँसी इस मुकदमें को ‘न्यायिक हत्या’ की संज्ञा दी जाती है।
  • 1781 में मुस्लिम शिक्षा सुधार के लिये कलकत्ता में प्रथम मदरसा स्थापित।
  • 1775-82 का प्रथम मराठा युद्ध तथा 1782 में सालबाई की संधि।
  • 1780-84 का द्वितीय आंग्ल-मैसूर युद्ध व मंगलौर की संधि।
  • 1784 का पिट्स इंडिया एक्ट, जिसमें परिषद् के सदस्यों की संख्या 4 से घटाकर 3 कर दी गई।
  • 1784 में विलियम जोंस द्वारा ‘एशियाटिक सोसाइटी ऑफ बंगाल’ की स्थापना।
  • चार्ल्स विलकिंस द्वारा ‘गीता व हितोपदेश’ का अंग्रेजी में अनुवाद।
  • राजकीय कोषागार मुर्शिदाबाद से कलकत्ता स्थानांतरित।
  • इजारेदारी प्रथा का प्रारंभ।
  • हिंदू और मुस्लिम कानूनों को संहिताबद्ध किया।
  • अभिज्ञान शाकुंतलम का अंग्रेजी अनुवाद कराया गया।
  • देशी रियासतों के साथ घेरे की नीति अपनाई।
  • 1775 में आसफुद्दौला के साथ फैजाबाद की संधि।
  • नोटः पिट्स इंडिया एक्ट, 1784 के विरोध में इस्तीफा देकर जब वारेन हेस्टिंग्स 1785 में इंग्लैंड पहुँचा तो एडमंड बर्क द्वारा उसके ऊपर महाभियोग का मुकदमा दायर किया गया परंतु 1795 में इसे सभी आरोपों से मुक्त कर दिया गया।