मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत ने राजस्थन माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, अजमेर की उच्च माध्यमिक परीक्षा की वरीयता सूची में प्रथम एक लाख ऐसे छात्र/छात्राओं को जिनके परिवार की वार्षिक आय ढाई लाख रुपये तक हैं तथा जिन्हें कोई अनय छात्रवृत्ति अथवा प्रोत्साहन राशि नहीं मिल रही हैं, के लिए 500 रुपये प्रतिमाह (5 हजार रुपये वार्षिक) एवं प्रतिभावान दिव्यांग विद्यार्थियों को प्रोत्साहन देने के लिए बजट घोषणा 2019—20 में एक हजार रुपये प्रतिमाह (10 हजार रुपये वार्षिक) छात्रवृत्ति भुगतान किए जाने की घोषणा की गई।

इस योजना का लक्ष्य निम्न छात्रों को छात्रवृत्ति प्रदान करना है:
नए एक लाख विद्यार्थी जो पात्रता पूर्ण करते हों।
ऐसे समस्त विद्यार्थी जिन्हें इस योजना के अंतर्गत पिछले वर्ष छात्रवृत्ति स्वीकृत की गई थी तथा जो निरंतर नियमित रूप से उच्च शिक्षा के संस्थानों में अध्ययन कर रहे हैं।
यह योजना अल्प आय वर्ग के बच्चों में शिक्षा का स्तर बढ़ाने एवं सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से प्रारंभ की गई है।

योजना का उद्देश्य

इस योजना का उद्देश्य अल्प आय वर्ग के प्रतिभावान छात्र/छात्राओं की उच्च शिक्षा प्राप्त करने हेतु आर्थिक सहायता प्रदान करना है।

योजना अंतर्गत लाभ

(अ) राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की उच्च माध्यमिक परीक्षा में वरीयता सूची में अल्प आय परिवारों के पात्र छात्र/छात्राओं को 500 रुपये प्रतिमाह जो एक वर्ष में 10 माह से अधिक नहीं हागा अर्थात अधिकतम 5 हजार रुपये वार्षिक भुगतान किया जाएगा।
(ब) इस योजना के अंतर्गत उच्च शिक्षण संस्थान में अध्ययनरत नियमित छात्र/छात्राओं को अधिकतम 5 वर्षों तक लाभ प्रदत्त किया जाएगा एवं यदि विद्यार्थी द्वारा 5 वर्ष पूर्व अध्ययन छोड़ दिया जाता है तो यह लाभ पूर्व वर्षों तक ही मान्य होगा।
(स) दिव्यांग पात्र विद्यार्थियों को 1000 रुपये प्रतिमाह जो एक वर्ष में 10 माह से अधिक नहीं होगा अर्थात अधिकतम 10 हजार रुपये वार्षिक भुगतान किया जाएगा। इस हेतु चिकित्सा विभाग द्वारा गठित मेडिकल बोर्ड से जारी 40 प्रतिशत दिव्यांगता प्रमाण पत्र की स्वप्रमाणित छायाप्रति संलग्न करना अनिवार्य होगा।

पात्रता

लाभान्वित पात्र छात्र/छात्राओं के अतिरिक्त इस योजना का लाभ उन छात्र/छात्राओं को देय होगा जो निम्न समस्त शर्तों की पूर्ति करते हों:
1. जिन्होंने राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, अजमेर से 12वीं की परीक्षा इस वर्ष न्यूनतम 60 प्रतिशत अंकों से उत्तीर्ण की हो तथा जिन्होंने बोर्ड की वरीयता सूची में प्रथम एक लाख तक स्थान प्राप्त किया हो।

2. जिनके माता—पिता या अभिभावक की वार्षिक आय ढाई लाख (250000) रुपये तक हो।