15 मई, 2022 को थॉमस कप बैडमिंटन 2022 में भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल में ऐतिहासिक जीत दर्ज की और इंडोनेशिया पर 3-0 से जीत हासिल की है। भारत ने थाईलैंड के बैंकॉक में थॉमस कप के फाइनल में गत विजेता और 14 बार चैंपियन रहे इंडोनेशिया को हराया।
इससे पूर्व भारतीय टीम 1952, 1955 और 1979 में थॉमस कप के सेमीफाइनल तक ही पहुंच सकी। वहीं इंडोनेशिया टूर्नामेंट का सबसे सफल देश रहा है, जो अब तक 14 खिताब अपने नाम कर चुका है।  

टीम के खिलाड़ी

विश्व चैम्पियनशिप के पदक विजेता लक्ष्य सेन, किदांबी श्रीकांत और चिराग शेट्टी और सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी।

थॉमस कप फाइनल मुकाबलों में भारतीय टीम का प्रदर्शन
लक्ष्य सेन ने पहले मैच में इंडोनेशिया के एंथोनी सिनिसुका को 8-21, 21-17, 21-16 से पराजित किया और भारत का जीत का तौहफा दिया।

युगल मैच में सात्विक और चिराग की जोड़ी ने सुकामुल्जो-अहसान की जोड़ी को 18-21, 23-21, 21-19 से हराकर भारत को 2-0 से बढ़त दिलाने में कामयाब रहे।

तीसरे गेम में किदांबी श्रीकांत ने जोनाथन क्रिस्टी को 21-15, 23-21 से हरा दिया।

थॉमस कप से जुड़ी रोचक बातें

इस कप का आइडिया सबसे पहले अंग्रेज बैडमिंटन प्लेयर सर जॉर्ज एलन थॉमस को आया था। थॉमस कप 1949 ई. से खेला जा रहा है, जो पुरुषों के लिए है। इसका शासी निकाय 'बैडमिंटन वर्ल्ड फेडरेशन' (BWF) के सदस्य देश इसमें भाग लेते हैं। इस टूर्नामेंट में अब तक इंडोनेशिया, चीन, डेनमार्क और मलेशिया आदि टीमों का दबदबा रहा है। वर्ष 2022 में 73 साल बाद भारतीय टीम ने फाइनल जीतकर इस टूनामेंट का फाइनल जीतने वाली छठी टीम बन गई है।  

विजेता टीमों का प्रदर्शन

देश        खिताब जीता
इंडोनेशिया - 14 बार
चीन (1982 से) - 10 बार
मलेशिया - 5 बार
जापान - 1 बार
डेनमार्क - 1 बार (पहली बार 2016 में, पहली गैर एशियाई टीम)
भारत - 1 बार

भारतीय टीम ने मलेशिया एवं डेनमार्क की टीमों को हराकर पहली बार थॉमस कप के फाइनल में जगह बनाई।

अब तक थॉमस कप टूर्नामेंट का आयोजन 32 बार हुआ है। यह टूर्नामेंट पहले 3 साल में आयोजित किया जाता था, वर्ष 1982 के बाद से यह हर 2 वर्ष में आयोजित किया जाता है।  

वर्ष 2022 में भारतीय बैडमिंटन टीम ने टूर्नामेंट जीतकर थॉमस कप के इतिहास में अपनी नाम दर्ज करवा लिया है।