• राजस्थान अक्षय ऊर्जा निगम द्वारा संचालित राजस्थान में 'पीएम कुसुम कम्पोनेन्ट-ए योजना' के अंतर्गत देश के प्रथम सौर ऊर्जा संयंत्र, जयपुर जिले के कोटपूतली तहसील के भालोजी गांव में 01 अप्रैल, 2021 को ऊर्जा उत्पादन आरम्भ हो गया है।
  • परियोजना की स्थापना के लिए विद्युत क्रय अनुबंध सितम्बर-2020 को जयपुर विद्युत वितरण निगम की ओर से राजस्थान ऊर्जा विकास निगम तथा श्री देवकरण यादव के मध्य 25 वर्ष की अवधि हेतु किया गया है। इस परियोजना का निर्माण 3.50 एकड़ भूमि पर किया गया है तथा 1 मेगावाट क्षमता की इस परियोजना की लागत लगभग 3.70 करोड़ की है।
  • राज्य सरकार द्वारा दिसम्बर, 2019 में सौर ऊर्जा एवं पवन तथा हाईब्रिड ऊर्जा की नवीन नीतियां भी जारी की जा चुकी है। वर्ष 2025 तक कुल 38000 मेगावाट अक्षय ऊर्जा क्षमता की स्थापना का लक्ष्य हैं, जिसमे रूफटाप विकेन्द्रीकृत एवं मेगा सोलर एवं हाईब्रिड पार्कों की परियोजनाएं सम्मिलित है।
  • राज्य के कृषक द्वारा अपनी बंजर एवं अनुपयोगी भूमि पर कुसुम-ए योजना के अन्तर्गत सौर ऊर्जा से विद्युत उत्पादन की प्रथम परियोजना स्थापित कर राजस्थान देश का प्रथम राज्य बन गया हैं। सरकार द्वारा बजट घोषणा 2019-20 के तहत प्रदेश में इस योजना के अन्तर्गत 2600 मेगावाट क्षमता के सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था जिसमें से अब तक 722 मेगावाट क्षमता की परियोजनाओं हेतु लेटर ऑफ अवार्ड जारी किये जा चुके हैं।        
  • राजस्थान अक्षय ऊर्जा निगम के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक डॉ. सुबोध अग्रवाल द्वारा परियोजना के बारे मे विस्तार से जानकारी देते हुए बताया गया कि इस प्रोजेक्ट से अनुमानित 17 लाख यूनिट विद्युत का उत्पादन प्रतिवर्ष होगा जिसे जयपुर विद्युत वितरण निगम द्वारा 3.14 रुपये प्रति यूनिट की दर पर 25 वर्ष तक क्रय किया जाएगा जिससे संबंधित कृषक को प्रतिवर्ष लगभग 50 लाख रुपये का राजस्व प्राप्त होगा।

“इम्पैक्ट” सॉफ्टवेयर का शुभारंभ

  • राजस्थान के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ रघु शर्मा ने 27 मार्च, 2021 को स्वास्थ्य भवन में पीसीपीएनडीटी एक्ट से सबंधित “इम्पैक्ट” सॉफ्टवेयर का शुभारंभ किया। राज्य सरकार के इस प्रयास से प्रदेश में कन्या भ्रूण हत्या को रोकने की दिशा में व्यापक सफलता मिलेगी। इस सॉफ्टवेयर से पीसीपीएनडीटी एक्ट ओर अधिक मजबूत होगा। इसका इंटीग्रेटेड रुप कन्या भ्रूण हत्या को रोकने में भी मददगार साबित होगा।
  • इंटीग्रेटेड सिस्टम फॉर मॉनिटरिंग ऑफ पीसीपीएनडीटी “इम्पैक्ट” के जरिए नए सोनोग्राफी केन्द्रों के लिए आवेदन और भुगतान सबंधी कार्य आसानी से किए जा सकते हैं। इस सिस्टम के जरिए पीसीपीएनडीटी एक्ट के प्रावधानों के अनुसार निर्धारित सॉफ्टवेयर में ऑनलाइन भरे जाने की सुविधा भी उपलब्ध होगी।
  • ऑनलाइन सिस्टम की सहायता से केन्द्रों के आवेदन के स्टेटस को यूनिक आईडी के जरिए ट्रैक किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि सम्पूर्ण पंजीकरण प्रक्रिया में आवेदक को अपडेट करने के लिए मोबाइल एसएमएस की सुविधा भी उपलब्ध होगी। साथ ही फॉर्म “बी” की ई-प्रति भी ऑनलाइन निकाली जा सकती है। 

राजस्थान में उद्योग विभाग का नाम अब होगा उद्योग एवं वाणिज्य विभाग

  • मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत ने 27 मार्च, 2021 को राज्य सरकार के 'उद्योग विभाग' का नाम बदलकर 'उद्योग एवं वाणिज्य विभाग' किया जाने के प्रस्ताव का अनुमोदन कर दिया है। इसके साथ ही, इस विभाग के अधिकारियों के पदनाम भी विभाग के नए नाम के अनुरूप परिवर्तित हो जाएंगे।
  • उल्लेखनीय है कि बीते कुछ वर्षों के दौरान उद्योग विभाग और इससे जुड़े जिला उद्योग केन्द्रों की कार्यप्रणाली में बदलाव हुआ है तथा विभाग के कार्याें का दायरा भी बढ़ गया है। लघु, सूक्ष्म, मध्यम एवं वृहद उद्यमों के विकास के साथ-साथ सेवा क्षेत्र एवं वाणिज्यिक क्षेत्र की गतिविधियों का विकास भी इस विभाग के कार्यकलापों एवं गतिविधियों में शामिल हो गया है। भारत सरकार सहित 18 राज्यों में भी तत्संबंधित विभाग का नाम उद्योग एवं वाणिज्य विभाग ही है। इसी क्रम में राज्य सरकार ने विभाग का नाम परिवर्तित करने का निर्णय लिया है।
  • प्रस्ताव के अनुसार, विभाग के नाम परिवर्तन के साथ ही प्रमुख शासन सचिव, उद्योग एमएसएमई का नाम बदलकर प्रमुख शासन सचिव, उद्योग एमएसएमई एवं वाणिज्य और आयुक्त उद्योग का नाम बदलकर आयुक्त उद्योग एवं वाणिज्य हो जाएगा। इसी प्रकार, संयुक्त आयुक्त उद्योग, उप आयुक्त उद्योग और सहायक आयुक्त उद्योग पदों के नए नाम क्रमशः संयुक्त आयुक्त उद्योग एवं वाणिज्य, उप आयुक्त उद्योग एवं वाणिज्य और सहायक आयुक्त उद्योग एवं वाणिज्य हो जाएंगे।
  • राज्य एवं केन्द्र के संबंधित विभागों के नाम में एकरूपता होने से राज्य में वाणिज्यिक एवं निर्यात संबंधित गतिविधियों के विस्तार के काम में अधिक गति आएगी और विभाग भारत सरकार की योजनाओं एवं कार्यक्रमों का बेहतर प्रचार-प्रसार हो सकेगा। इस निर्णय से प्रदेश में निर्यात संवर्धन, वाणिज्यिक गतिविधियों एवं लॉजिस्टिक सेवा क्षेत्रों और इनके उप-क्षेत्रों के विकास को प्रोत्साहन मिलेगा। साथ ही, प्रदेश में रोजगार के अधिक अवसर सृजित होंगे और राजस्व में भी वृद्धि होगी।  

राजस्थान उद्योग रत्न पुरस्कार

  • राज्य सरकार ने 'राजस्थान उद्योग रत्न पुरस्कार' से सम्मानित किए जाने वाले नामों की घोषणा कर दी है। वर्ष 2021 राज्य में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 4 उद्यमों को राजस्थान उद्योग रत्न, एक बुनकर को राजस्थान बुनकर रत्न और एक हस्तशिल्पी को राजस्थान हस्तशिल्प रत्न पुरस्कार दिया जायेगा।
  • इन पुरस्कारों से राज्य में उद्योगों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और नवाचारों को बढ़ावा मिलेगा।
  • राज्य के उद्योगों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए अलग से महिला उद्यमियों को भी पुरस्कार दिया जाता है।
  • अलवर की खंडेलवाल मिनरल्स को श्रेष्ठ महिला उद्यमी का पुरस्कार दिया जाएगा। दौसा के गंगासिंह गौतम को बुनकर रत्न और जयपुर के बाबूलाल मारोटिया को हस्तशिल्प रत्न पुरस्कार दिए जाएंगे। टर्नओवर में उत्कृष्ट वृद्धि के लिए सूक्ष्म उद्यम श्रेणी में जयपुर की हैंडीक्राफ्ट विला, लघु उद्यम श्रेणी में हनुमानगढ़ की एस. एस. ब्लो केम प्रा. लि. को उद्योग रत्न पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। वहीं श्रेष्ठ व्यवसायिक व्यवहार हेतु लघु उद्यम श्रेणी में जोधपुर की सोमी कन्वेयर बेल्टिंगस लिमिटेड को उद्योग रत्न पुरस्कार दिया जाएगा।
  • सभी पुरस्कार विजेताओं को एक-एक लाख रुपये ऑनलाइन भेजे जा रहें हैं।
  • सभी को प्रशस्ति पत्र देकर और शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया जाएगा।

नियुक्तियां

  • श्री चंचल मिश्रा गृह विभाग के विशिष्ठ शासन सचिव बने
  • राज्य सरकार ने आदेश जारी कर जिला न्यायाधीश संवर्ग के अधिकारी श्री चंचल मिश्रा को विशिष्ठ शासन सचिव एवं संयुक्त विधि परामर्शी, गृह विभाग, शासन सचिवालय, जयपुर के पद पर पदस्थापित किया है।

कृषि विश्वविद्यालय का शिलान्यास

  • 26 मार्च, 2021 को कोटा जिले के उम्मेदगंज फार्म में कृषि विश्वविद्यालय के नवसृजित कॉलेज भवन का शिलान्यास स्वायत्त शासन एवं नगरीय विकास मंत्री शांति धारीवाल के मुख्य आतिथ्य एवं कृषि एवं पशुपालन मंत्री श्री लालचन्द कटारिया की अध्यक्षता में किया गया। यह कॉलेज भवन 39.75 हैक्टेयर क्षेत्र में फैला है। जिसकी लागत 825 लाख रुपये होगी। इसका लाभ संभाग के किसानों एवं प्रदेशभर के युवाओं को मिलेगा। 

''समाधान हैल्पलाइन''

  • राजस्थान में पुलिसकर्मियों की विभागीय एवं व्यक्तिगत विषयों से संबंधित समस्याओं का त्वरित समाधान करने के लिये प्रत्येक जिला पुलिस अधीक्षक व पुलिस उपायुक्त कार्यालय स्तर पर स्थापित सेवा
उद्देश्य-
  • पुलिसकर्मियों को उनकी जायज समस्याओं के त्वरित निराकरण हेतु एक उचित माध्यम उपलब्ध कराना है ताकि वे अपनी समस्या सीधे ही अपने उच्चाधिकारी तक पहुंचा सके। इस व्यवस्था में पत्राचार को न्यूनतम एवं परस्पर व्यक्तिगत सम्वाद को अधिकतम प्राथमिकता प्रदान की जायेगी। पुलिस कर्मियों द्वारा प्रद्त्त जानकारियों की गोपनीयता भी सुनिश्चित की जायेगी।