आर्थिक समीक्षा 2021—22 के अनुसार राजस्थान में खनिज संपदा 

  • देश में खनिजों की उपलब्धता और विविधता के मामले में राजस्थान समृद्ध राज्य है।
  • 82 प्रकार के विभिन्न खनिजों के भंडार मौजूद हैं।
  • वर्तमान में 57 खनिजों का खनन किया जा रहा है। 
  • देश में राजस्थान सीसा और जस्ता अयस्क, सेलेनाइट और वोलास्टोनाइट का एकमात्र उत्पादक है।
  • देश में चांदी, कैल्साइट और जिप्सम का लगभग संपूर्ण उत्पादन राजस्थान से होता है। 
  • राजस्थान देश में बॉल क्ले, फॉस्फोराइट, ओकर (गेरू), स्टेटाइट, फेलस्पार और फायर क्ले का भी प्रमुख उत्पादक है। 
  • संगमरमर, बलुआ पत्थर और ग्रेनाइट जैसे आयामी और सजावटी पत्थरों के उत्पादन में भी देश में प्रमुख स्थान है। 
  • राज्य देश में सीमेंट ग्रेड, स्टील ग्रेड और चूना पत्थर का अग्रणी उत्पादक है। 
  • वर्तमान में खनन पट्टे ई-नीलामी प्रक्रिया द्वारा दिए जा रहे हैं।
  • राज्य में प्रधान खनिजों के 174 खनन पट्टे तथा अप्रधान खनिजों के 15,280 खनन पट्टे एवं 17,577 खदान लाइसेंस जारी हैं।
  • वित्तीय वर्ष 2021-22 के दौरान खान एवं भू-विज्ञान विभाग को 7100 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित करने का लक्ष्य दिया गया था, जिसकी तुलना में दिसंबर, 2021 तक कुल 4159.13 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया गया है। 
  • राजस्थान राज्य खान एवं खनिज लिमिटेड (RSMML) राजस्थान सरकार के सार्वजनिक क्षेत्र के प्रमुख उपक्रमों में से एक है, जो मुख्य रूप से राज्य में औद्योगिक खनिजों के खनन एवं विपणन के कार्य से जुड़ा है। 
  • इसका मुख्य उद्देश्य किफायती तकनीकों का उपयोग करते हुए खनिज सम्पदा का दोहन करना और प्रदेश में खनिज आधारित परियोजनाओं को बढ़ावा देना है।