• यदि आप चाय के बेहद शौकीन हैं और बिना गरमागर्म चाय पीए बिस्तर नहीं छोड़ते हैं तो अपनी आदत सुधार लो क्योंकि अब गर्म चाय पर शोध किया गया है और आपकी सेहत अच्छी बनी रहे इसके लिए इस ताजा शोध को जरूर पढ़े और अपने जीवन में अमल अवश्य करे। इसमें कहा गया है कि जो लोग गरमागर्म चाय पीते हैं उनकी ग्रासनली (एसोफैगस) में कैंसर रोग होने का खतरा बढ़ जाता है।
  • इस शोध में कहा गया है कि यह उन लोगों के लिए ज्यादा खतरा पैदा करती है जो रोजाना 75 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक गर्म चाय पीते हैं और उन लोगों में यह खतरा दोगुने से ज्यादा बढ़ जाता है।
  • अमरीकी संस्था 'अमेरिकन कैंसर सोसायटी' ने हाल में गर्म चाय पर एक शोध किया है जिसके लीड ऑथर फरहद इस्लामी के मुताबिक, कई लोग चाय, कॉफी या दूसरे ड्रिंक गरमागर्म पीने के शौकीन होते हैं। हालांकि शोध की रिपोर्ट के मुताबिक बहुत गरम चाय पीने से एसोफैजियल कैंसर का रिस्क बढ़ जाता है।


40 से 75 साल के लोगों को किया शोध में शामिल

  • इस अमरीकी संस्थान ने अपने शोध के लिए 40 से 75 साल के 50,045 लोगों को शामिल किया गया था ताकि सही नतीजे सामाने आ सकें। इस शोध के नतीजों में बताया गया कि जो लोग रोजाना 700 एमएल गर्म चाय (60 डिग्री सेल्सियस या इससे ज्यादा) पी जाए तो उनको 90 फीसदी तक ग्रासनली के कैंसर का खतरा बढ़ जाता है।
  • जब ऐसे शोध हमारे सामने हो तो हम समझ सकते हैं कि हमें क्या करना चाहिए। अक्सर कई लोग गरमागर्म चाय चुटकियों में गटक जाते हैं तो उन लोगों को अपनी आदत में सुधार करना होगा नहीं तो परिणाम गंभीर हो सकते हैं।
  • इस शोध में यह बताया गया है कि आप चाय को कम से कम चार मिनट तक इंतजार कर के पिएं। चाय या अन्य गर्म चीजों के थोड़ा ठंडा होने पर ही उनका सेवन करें।