अल्जाइमर 
  • अल्जाइमर रोग मानव के मस्तिष्क को प्रभावित करने वाला रोग है। इसमें व्यक्ति की याददाश्त (भूलने की आदत) कमजोर होना, सोचने-बोलने, व्यवहार और अन्य महत्वपूर्ण मानसिक कार्यों को हानि पहुंचाती है। इसके कारण पीड़ित व्यक्ति को सामाजिक और पारिवारिक समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
  • यह डिमेंशिया (स्मृति कमजोर या बुद्धि का लोप होना) का सबसे सामान्य कारण होता है, जिससे व्यक्ति की बौद्धिक क्षमता बहुत कम हो जाती है। इस रोग में मस्तिष्क की कोशिकाएं स्वयं ही बनती है और समाप्त होने लगती है, जिससे याददाश्त और मानसिक कार्यों में लगातार गिरावट आती है।
  • इसकी शुरुआत अक्सर 65 वर्ष की उम्र पार के बाद होती है।
  • पूरे विश्व में लगभग 4.68 करोड़ लोग इस रोग से पीड़ित है।

अल्जाइमर रोग के लक्षण:-
  • जब व्यक्ति में यह रोग उम्र के साथ बढ़ता है तो लक्षण भी गंभीर दिखने लग जाते हैं, जैसे -
  • व्यक्ति कभी आसान व सरल कामों को पूरा करने में मुश्किल महसूस करता है।
  • समस्याओं को हल करने में कठिनाई
  • रोज काम आने वाली वस्तुओं को खुद ही रखकर भूल जाना
  • शारीरिक व मानसिक व्यवहार में बदलाव
  • आपसी संवाद-संप्रेषण में परेशानी, चाहे लिखित हो या बोलकर
  • परिवार के लोगों व मित्रों को पहचानने में दिक्कत आने लग जाती है।
  • स्वभाव अनियंत्रित होना अर्थात् चिड़चिड़ापन, गुस्सा
  • खुद से बात करना।
  • बातों को दोहराना और एक ही बात बार-बार पूछना।
  • छोटी-छोटी बातों को सुनकर चौंक जाना
  • चोट लग जाने से इस बीमारी के बढ़ने की आशंका बढ़ जाती है।
   
अल्जाइमर रोग पर नियंत्रण के उपाय:-
  • अल्जाइमर रोग का सही कारण ज्ञात नहीं है। फिर भी हम इस रोग पर नियंत्रण कर सकते हैं। इस रोग को हावी न होने देने के लिए व्यक्ति को अपनी दैनिक जीवनचर्या को बेहतर करना होगा।
  • इस बीमारी से बचने के लिए तनाव से दूर रहने के साथ नियमित रूप से व्यायाम करना आवश्यक है। शराब व धूम्रपान से दूरी बनाकर रखें तो ज्यादा बेहतर होगा।
  • पूरी नींद ले।
  • सुबह नियमित रूप से भ्रमण पर जाएं।
  • भोजन में फल, हरी-ताजा सब्जियां, सूखे मेवे आदि भी लें।