प्रदेश के स्नातक बेरोजगार युवाओं को बेरोजगारी भत्ता देने के लिए 'मुख्यमंत्री युवा संबल योजना' की शुरूआत सम्पूर्ण राजस्थान में 1 फरवरी, 2019 से हुई।

पात्रता


  • प्रार्थी राजस्थान प्रदेश का मूल निवासी होना चाहिए।

शैक्षिणक योग्यता

  • क. राजस्थान राज्य में स्थित विधि द्वारा स्थापित किसी भी विश्वविद्यालयों से मान्यता प्राप्त स्नातक डिग्री व समकक्ष डिग्री होना चाहिए।
  • ख. राज्य से इतर अन्य राज्य में विधि द्वारा स्थापित किसी भी विश्वविद्यालय द्वारा प्रदत्त स्नातक डिग्रीधारी महिला का विवाह राजस्थान राज्य के मूल निवासी से होने पर पात्र होगी।
  • प्रार्थी राजकीय या निजी क्षेत्र में सेवारत नहीं हो। प्रार्थी के पास स्व—रोजगार भी नहीं हो।


आयु सीमा

  • भत्ता प्राप्त करने की पात्रता हेतु कोई न्यूनतम सीमा नहीं है परंतु अधिकतम आयु सीमा सामान्य आशार्थियों के लिए 30 वर्ष एवं अनुसूचित जाति/जनजाति, महिला एवं विशेष योग्यजन (नि:शक्तजन) आशार्थियों के लिए अधिकतम आयु 35 वर्ष होगी।


अन्य पात्रताएं

  • प्रार्थी आवेदन की तिथि से पूर्व स्थानीय रोजगार कार्यालय में ऑनलाइन पंजीकृत होना आवश्यक है।
  • प्रार्थी वर्तमान में अन्य किसी कोष से किसी भी प्रकार का भत्ता/छात्रवृति या किसी भी प्रकार की सहायता प्राप्त नहीं कर रहा हो।
  • प्रार्थी किसी भी राजकीय विभाग या संस्थान द्वारा किसी भी पद पर से पदच्युत (बर्खास्त) नहीं किया गया हो।
  • बेरोजगारी भत्ता प्रार्थी को अधिकतम दो वर्ष की अवधि अथवा उसके नियोजन/स्व नियोजन प्राप्त करने तक की अवधि, जो भी पहले हो, के लिए स्वीकार्य होगा।
  • भत्ता प्राप्त करने के दौरान प्रार्थी का रोजगार कार्यालय में पंजीयन निरंतर जारी रहना चाहिए।
  • यदि एक परिवार में एक से अधिक बेरोजगार है तथा वे इस योजना के तहत योग्य है तो उनमें से अधिकतम दो व्यक्तियों को बेरोजगारी भत्ता देय होगा।


बेरोजगारी भत्ता के लिए चयन प्रकिया

  • प्रत्येक वर्ष में अधिकतम 1 लाख 60 हजार युवाओं को बेरोजगारी भत्ता स्वीकृत किया जाएगा, जो पात्रता की शर्तों के अनुसार अधिकतम दो वर्ष की अवधि तक देय होगा।
  • प्रतिवर्ष 1 जुलाई को पात्र होने वाले युवाओं का चयन स्वत: पेार्टल के माध्यम से किया जावेगा तथा 1 लाख 60 हजार से अधिक पात्र आवेदक होने की स्थिति में अधिक आयु वाले आवेदकों को वरीयता दी जावेगी।
  • यदि एक जुलाई को 1 लाख 60 हजार से अधिक आवेदक पात्र होते हैं तो उनमें से अधिक आयु के 1 लाख 60 हजार युवाओं का भत्ता (पूर्व में प्राप्त कर रहे युवाओं सहित) चयन कर बेरोजगारी भत्ता दिया जाएगा।
  • यदि एक जुलाई को 1 लाख 60 हजार से कम आवेदक पात्रता रखते हैं तो उन सभी को चयनित कर बेरोजगारी भत्ता दिया जाएगा व एक लाख 60 हजार में से शेष युवाओं का चयन आगामी एक जनवरी को किया जाएगा।


अपात्रता
इस योजना के अंतर्गत निम्न प्रकार के आशार्थी बेरोजगारी भत्ता प्राप्त करने के लिए अपात्र होंगे—
  • 1. वे बेरोजगार इंजीनियर्स जो कि राज्य सरकार की बेरोजगार इंजीनियर्स को बगैर निविदा आमंत्रित किए जाने की योजना के तहत पात्रता रखते हैं तथा जिनके द्वारा इसका लाभ लिया जा रहा है।
  • 2. इस प्रकार के बेरोजगार जोकि स्नातक उपाधि के पश्चात् भी अपनी शिक्षा निरंतर रख रहे हैं।
  • इस प्रकार के बेरोजगार जोकि किसी अन्य योजना जैसे पीएमजीएसवाई और मनरेगा के तहत लाभ प्राप्त कर रहे हैं।
  • 3. मनरेगा में पंजीकृत बेरोजगार स्नातकों को भी इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा।
  • 4. ऐसे बेरोजगार स्नातक जिसकी पारिवारिक वार्षिक आय दो लाख रुपए से अधिक हो।
  • 5. पूर्व में प्रचलित अक्षत योजना—2007 या अक्षत कौशल योजना—2009 या अक्षत योजना (राजस्थान बेरोजगारी भता योजना 2012) में भत्ता प्राप्त कर चुके आशार्थी।
  • 6. जिनको किसी सरकारी विभाग या संस्था द्वारा पदच्युत कर दिया गया हो।
  • 7. जिनके विरूद्ध अपराधिक प्रकरण दर्ज हो।
  • 8. जो सरकारी/निजी क्षेत्र में सेवारत हो या जिनका स्वयं का रोजगार हो।
  • 9. जो केन्द्र या राज्य सरकार की किसी भी अन्य योजना के अंतर्गत छात्रवृति, सहायता या लाभ प्राप्त कर रहे हों।


बेरोजगारी भत्ता भुगतान

योजनांतर्गत पात्र प्रार्थियों को बेरोजगारी भत्ते का भुगतान निम्न प्रकार किया जाता है—

  • पुरुष प्रार्थी — 3000 रुपए प्रतिमाह
  • महिला एवं विशेष योग्यजन (नि:शक्तजन) प्रार्थी— 3500 रुपए प्रतिमाह


  • बेरोजगारी भत्ता दो वर्ष की अधिकतम अवधि अथवा रोजगार पाने/स्वयं का रोजगार पाने तक, जो भी पहले हो, के लिए ही किया जाएगा।  
  • बेरोजगारी भत्ते के लिए पात्र प्रार्थी को बेरोजगारी भत्ता पाने के लिए स्थानीय रोजगार कार्यालय, जहां वह पंजीकृत है, ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।