पुरस्कार -

सौमित्र चटर्जी को फ्रांस का लीजन ऑफ ऑनर मिलेगा

बंगाली अभिनेता सौमित्र चटर्जी को फ्रांस के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार, द लीजन ऑफ ऑनर से सम्मानित किया जाएगा। 2012 में, सौमित्र चटर्जी ने दादासाहेब फाल्के पुरस्कार, सिनेमा के लिए भारत का सर्वोच्च पुरस्कार जीता। उन्हें 2004 में पद्म भूषण से सम्मानित किया गया।

क्यूएस वर्ल्ड यूनीवर्सिटी रैंकिंग्स 2018

8 जून 2017 को जारी क्यूएस वर्ल्ड यूनीवर्सिटी रैंकिंग्स 2018 में सर्वोच्च 200 संस्थानों में तीन भारतीय संस्थान शामिल हैं – भारतीय विज्ञान संस्थान (बंगलौर) – IISc Bangalore, आईआईटी दिल्ली (IIT Delhi) और आईआईटी बंबई (IIT Bombay)। इस प्रकार यह पहला ही मौका है जब इस प्रतिष्ठित सूची में तीन भारतीय संस्थान शामिल किए गए हैं। उल्लेखनीय है कि इस सूची की सर्वोच्च 200 में शामिल संस्थान इस वैश्विक सर्वे में शामिल किए गए दुनिया भर के लगभग 26,000 उच्च शिक्षण संस्थानों में सर्वोच्च 1% का प्रतिनिधित्व करते हैं।

– इस वर्ष की सूची में बंगलौर स्थित भारतीय विज्ञान संस्थान (IISc, Bangalore) को 152वां स्थान प्रदान किया गया है जबकि पिछली बार की सूची में यह 190वें स्थान पर था। आईआईटी बंबई (IIT Bombay) भी पिछले वर्ष के 219वें स्थान से इस वर्ष 179वें स्थान पर पहुँच गया है। लेकिन आईआईटी दिल्ली (IIT Delhi) पिछले बार के 172वें स्थान से खिसक कर इस बार 185वें स्थान पर पहुँच गया है।

– क्यूएस वर्ल्ड यूनीवर्सिटी रैंकिंग्स क्वाकरेली सायमण्ड्स डब्ल्यूयूआर (Quacquarelli Symonds (QS) WUR) नामक एक ब्रिटिश एजेंसी द्वारा तैयार की जाती है। यह एजेंसी अनुसंधान, शिक्षण, सेवायोजन के अवसर, अंतर्राष्ट्रीय प्रतिष्ठा जैसे 6 मानकों के अलावा 40 बिन्दुओं के भारांक (weightage) के आधार पर शिक्षण संस्थानों की रेटिंग करती है।

जयराम रमेश की पुस्तक “इंदिरा गांधी – अ लाइफ इन नेचर” का विमोचन


भारत ने म्यांमार में कालादान परियोजना को पूरा करने के लिए सड़क अनुबंध दिया

नरेन्द्र मोदी सरकार म्यांमार में 484 मिलियन डॉलर के कालादान मल्टी-मोडल ट्रांसपोर्ट प्रोजेक्ट्स को पूरा करने के लिए अंतिम रूप दे रही है जो भारत में मिजोरम को कनेक्टिविटी देगा।

कालादान म्यांमार में भारत द्वारा शुरु की जाने वाली पहली बड़ी परियोजना थी। मिजोरम सीमा में ज़ोरिनपूई में पलेटवा नदी टर्मिनल को जोड़ने वाली 109 किलोमीटर की सड़क के निर्माण के लिए 1600 करोड़ रुपये का अनुबंध दिया गया है।

पिछले साल म्यांमार में राखीन राज्य में भारत ने कालादान नदी के मुहाने पर सीटवे बंदरगाह का निर्माण पूरा कर लिया था।