मुख्यमंंत्री श्री अशोक गहलोत प्रदेश की बालिकाओं को शिक्षा के क्षेत्र में प्रोत्साहित कर रहे हैं ताकि वे आत्मनिर्भर और सशक्त बन सकें। उन्होंने अपने दूसरे कार्यकाल के दौरान वर्ष 2010-11 में इंदिरा प्रियदर्शिनी पुरस्कार योजना शुरू की थी। उन्होंने एक बार फिर से इस योजना को 5 मार्च, 2019 में संशोधित कर शुरू कर दिया है।


इस योजना के फिर से शुरू होने से प्रदेश की मेधावी बालिकाओं को पुरस्कार स्वरूप आर्थिक सहायता प्रदान की जाने लगी है। योजना के शुरू होने से वर्ष 2019—20 में प्रदेश की 1208 छात्राओं को पुरस्कृत किया गया है। इसके तहत पुरस्कार स्वरूप इन छात्राओं को 9 करोड़ 90 लाख 40 हजार रुपये की राशि प्रदान की गई है।



योजना की पात्रता

इंदिरा प्रियदर्शिनी पुरस्कार योजना के तहत माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, अजमेर द्वारा आयोजित कक्षा-8, कक्षा-10 एवं कक्षा-12 की परीक्षा में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक, निःशक्त, सामान्य वर्ग, विशेष पिछड़ा वर्ग एवं बी.पी.एल. वर्गों में जिले में सर्वोच्च स्थान प्राप्त करने वाली बालिकाओं को पुरस्कार राशि प्रदान की जाती है। साथ ही संस्कृत शिक्षा विभाग में उक्त वर्गों में राज्य में सर्वोच्च स्थान प्राप्त करने वाली छात्राओं को भी यह पुरस्कार दिया जाता है।


यह पुरस्कार हर साल पूर्व प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी के जन्म दिवस 19 नवम्बर के अवसर पर प्रदान किया जाता है।


इस योजना में पुरस्कार के स्वरूप में 8वीं कक्षा की बालिकाओं को 40,000 रुपये, 10वीं कक्षा की बालिकाओं को 75,000 रुपये और 12वीं की बालिकाओं को 1 लाख रुपये की राशि दी जाती है। कक्षा-12 एवं वरिष्ठ उपाध्याय की बालिकाओं को पुरस्कार के अतिरिक्त स्कूटी भी दी जाती है।


इस प्रकार मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत द्वारा पुन: शुरू की गई इंदिरा प्रियदर्शिनी पुरस्कार योजना से हर साल प्रदेश की मेधावी छात्राएं लाभान्वित हो रही है। जिससे उन्हें शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने के साथ ही आर्थिक संबल मिल रहा है, जो सराहनीय प्रयास है।