राज्य सरकार द्वारा प्रदेश के ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में आमजन को स्वच्छ पेयजल आपूर्ति के बेहतर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने वाटर क्वालिटी मॉनिटरिंग एंड सर्विलांस (WQMS) प्रोग्राम के तहत वर्ष 2020-21 की वार्षिक योजना में 67 करोड़ रुपये की राशि का प्रावधान किया। जिसके तहत इस वित्तीय वर्ष में ही राज्य के 353 पंचायत समिति मुख्यालयों में से 102 में ब्लॉक स्तरीय पेयजल गुणवत्ता जांच प्रयोगशालाएं स्थापित करने की प्रक्रिया चल रही है, चालू वित्तीय वर्ष में पूरा कर लिया जाएगा।

30 जिलों की पेयजल गुणवत्ता जांच प्रयोगशालाओं को मिला NABL सत्यापन

राज्य सरकार द्वारा प्रदेश के आमजन को स्वच्छ पयेजल उपलब्ध करवाने के लिए पीने के पानी की गुणवत्ता जांच संबंधी सुविधाओं के विस्तार पर विशेष ध्यान केन्द्रित किया जा रहा है। इसी के तहत प्रदेश के 33 जिलों में से 30 जिला मुख्यालयों पर कार्यरत जिला स्तरीय पेयजल गुणवत्ता जांच प्रयोगशालाओं के 'NABL सत्यापन' का कार्य पूरा कर लिया गया है।  

क्या है NABL सत्यापन

देश में जांच प्रयोगशालाओं के प्रमाणीकरण के लिए नेशनल एक्रीडेशन बोर्ड फॉर टेस्टिंग एंड केलिब्रेशन लेबोरेटरी राष्ट्रीय स्तर की एक स्वतंत्र संस्था है। इसके द्वारा ISO/IEC17025 के तहत परीक्षण प्रयोगशालाओं को NABL प्रमाणीकरण दिया जाता है।

यह संस्था भारत में 'क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया' के तहत स्थापित है, जो लेबोरेट्रीज के 'NABL एक्रीडेशन' के लिए थर्ड पार्टी एजेंसी के रूप में प्रयोगशालाओं की लीगल आइडेंटिटी, इसमें कार्यरत मानव श्रम की संख्या के साथ ही उनकी योग्यता और अनुभव, उपकरणों के समयबद्ध केलिब्रेशन (जांच में दक्षता की परख) आदि बिन्दुओं के आधार पर 'परफॉर्मेंस ऑडिट' के बाद प्रमाणीकरण करती है।

अब तक 30 जिलों अजमेर, अलवर, बांसवाड़ा, बारां, बाड़मेर, भरतपुर, भीलवाड़ा, बीकानेर, बूंदी, चूरू, दौसा, धौलपुर, डूंगरपुर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, जयपुर, जैसलमेर, जालौर, झालावाड़, झुंझुनूं, जोधपुर, करौली, कोटा, नागौर, पाली, राजसमंद, सीकर, सिरोही, टोंक एव उदयपुर की जिला स्तरीय पेयजल गुणवत्ता जांच प्रयोगशालाओं का 'NABL एक्रीडेशन' करा लिया गया है। बाकी बचे जिलों में से चितौड़गढ़ एवं सवाईमाधोपुर की प्रयोगशालाओं के 'NABL एक्रीडेशन' के लिए ऑडिट की प्रक्रिया पूरी हो गई है, इनको इसी माह 'NABL एक्रीडेशन' का दर्जा मिल जाएगा, जबकि प्रतापगढ़ की लैब के 'NABL एक्रीडेशन' के लिए आवेदन कर दिया गया है, ऑडिट होना शेष है।

प्रदेश में पेयजल प्रयोगशालाओं के 'NABL एक्रीडेशन' के लिए पीएचईडी में सम्बंधित कार्यालय के स्तर से NABL में प्रयोगशालाओं के प्रमाणीकरण के लिए आवेदन किया जाता है। इसके बाद निर्धारित नार्म्स के अनुरूप ऑडिट पूर्ण होने पर सम्बंधित लैब को 'NABL एक्रीडेशन' प्राप्त होता है।

पीएचईडी के तहत जयपुर में चल रही राज्य स्तरीय प्रयोगशाला का नया भवन पानीपेच में बनाया जाएगा।