भारत के किस स्थल की खुदाई से लौह धातु के प्रचलन के प्राचीनतम प्रमाण मिले हैं

-अतरंजीखेड़ा


प्राचीन शहर तक्षशिला किन दो नदियों के मध्य स्थित है?

-सिन्धु और झेलम के बीच


ऋग्वेद में उल्लिखित 'यव' शब्द किस कृषि उत्पाद हेतु प्रयुक्त किया गया है?

-जौ


उपनिषद पुस्तकें हैं?

-दर्शन पर


पूर्व वैदिक आर्यों का सर्वाधिक लोकप्रिय देवता कौन था?

-इन्द्र


प्राचीन काल में आर्यों के जीविकोपार्जन का मुख्य साधन था?

-आखेट एवं पशुपालन


ऋग्वेद की मूल लिपि थी?

-ब्राह्मी


वैदिक काल में किस जानवर को अघ्न्या माना गया है?

-गाय को


'अवेस्ता' और 'ऋग्वेद' में समानता है, अवेस्ता किस क्षेत्र से सम्बन्धित है?

-ईरान से


800 से 600 ई.पू. का काल किस युग से जुड़ा है? 

-ब्राह्मण युग से


महाभारत के अनुसार उत्तरी पांचाल की राजधानी स्थित थी?

-अहिच्छत्र में


जीविकोपार्जन हेतु वेद—वेदांग पढ़ाने वाला अध्यापक कहलाता था?

-उपाध्याय


ऋग्वैदिक काल में कबीले को कहा जाता था?

-जन या विश


ऋग्वैदिक काल में राजा की सहायता करने के लिए सबसे प्रमुख अधिकारी होता था?

-पुरोहित


'शुल्व सूत्र' किस विषय से सम्बन्धित पुस्तक है?

- ज्यामिती


ऋग्वैदिक युग की प्राचीनतम संस्था कौन-सी थी?

-विदथ


अनुलोम विवाह का अर्थ है?

-उच्च वर्ण पुरुष का निम्न वर्ण नारी के साथ विवाह


प्रतिलोम विवाह है?

-जब उच्च वर्ण की नारी निम्न वर्ण पुरुष के साथ विवाह करती है


गौतम बुद्ध का जन्म कब व कहां हुआ?

- 563 ई. पू. लुम्बिनी, कपिलवस्तु में 


महात्मा बुद्ध का महापरिनिर्वाण कहां हुआ? 

-कुशीनगर में


गौतम बुद्ध की मां किस वंश से सम्बन्धित थी

-कोलिय वंश


बुद्ध ने किस स्थान पर अपना पहला धर्मोपदेश दिया?

-सारनाथ में


सारनाथ (मृगदाव) में बुद्ध द्वारा दिया गया प्रथम उपदेश किस नाम से जाना जाता है?

-धर्मचक्रप्रवर्तन के


बुद्ध कौशाम्बी किस शासक के शासन काल में आये थे?

-उदयिन


किस शासक के काल में चतुर्थ बौद्ध संगीति का आयोजन कश्मीर में हुआ था?

-कनिष्क

भारत में सबसे पहले किस मानव प्रतिमा को पूजा गया?

-बुद्ध की


गौतम बुद्ध को एक देवता का स्थान किस शासक के समय में प्राप्त हुआ?

-कनिष्क के


बुद्ध की खड़ी प्रतिमा किस काल में बनायी गयी?

-कुषाण काल में


बौद्ध धर्म की महायान शाखा औपचारिक रूप से किसके शासन काल में प्रकट हुई

-कनिष्क


त्रिपिटक क्या है?

-बुद्ध के उपदेशों का संग्रह


प्राचीन भारत के बौद्ध मठों में परवन  नामक समारोह आयोजित किया जाता था, जो

-वर्षा ऋतु के दौरान मठों में प्रवास के समय भिक्षुओं द्वारा किये गये अपराधों की स्वीकारोक्ति का अवसर होता था