अलवर जिले से शुरू किया सेव नवाचार का पायलट प्रोजेक्ट


  • 20 नवंबर, 2022 को राजस्थान के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री श्री टीकाराम जूली ने विभाग व यूनिसेफ राजस्थान के संयुक्त तत्वावधान में अलवर जिले से नवाचार सेफ्टी अगेंस्ट वायलेंस एंड एक्सप्लोइटेशन ऑफ चिल्ड्रन (Safety Against Violence and Exploitation of Children —SAVE) का पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुभारम्भ किया।  
  • सेव नवाचार का उद्देश्य बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए सभी प्रकार की मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना है, जिसमें मुख्य रूप से शिक्षा, सुरक्षा व स्वास्थ्य सेवाएं शामिल है। अलवर में सफल होने के बाद इसे पूरे राज्य में लागू किया जाएगा।

राजस्थान को मिला ई-गवर्नेंस श्रेणी में स्कॉच गोल्ड अवार्ड, 2022

  • 24 नवंबर, 2022 को राजस्थान सरकार की योजनाओं एवं कार्यों की जानकारी आमजन तक पहुंचाने के लिए सूचना प्रौद्योगिकी और संचार विभाग के पोर्टल जनकल्याण पोर्टल (पब्लिक वेलफेयर) का चयन वर्ष 2022 के ई-गवर्नेंस श्रेणी में स्कॉच गोल्ड अवार्ड के लिए किया गया है। इस पोर्टल पर राज्य सरकार द्वारा जनहित में किए जा रहे प्रयासों की सम्पूर्ण जानकारी का संकलन किया गया है।

  • मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत के द्वारा 18 दिसम्बर, 2020 को राज्य सरकार के गठन के दो वर्ष पूरे होने के अवसर जन कल्याण पोर्टल (पब्लिक वेलफेयर पोर्टल) लॉन्च किया गया, जिसका उद्देश्य प्रदेश में राज्य सरकार द्वारा जनहित में चलाई जा रही सभी योजनाओं, परियोजनाओं, सेवाओं, नीतियों, और दस्तावेजों का संकलन किया गया है। पोर्टल पर सुशासन मॉड्यूल में बजट घोषणाएं, कैबिनेट निर्णय, जन घोषणा पत्र-2018, मुख्यमंत्री के निर्णय, सरकार के नवाचार, रोजगार सृजन एवं उपलब्धियों का संकलन किया गया है। इस पोर्टल के माध्यम से राज्य सरकार की इन योजनाओं का लाभ ज्यादा से ज्यादा आमजन प्राप्त कर सकते हैं।


डॉ. अम्बेडकर उत्सव धाम योजना के तहत प्रदेश के 568 गांवों में बनेंगे सामुदायिक भवन


  • प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना में चयनित गांवों में डॉ. अम्बेडकर उत्सव धाम योजना के तहत सामुदायिक हॉल अथवा भवन बनाए जाते हैं। इस योजना के अंतर्गत राज्य के 568 गांवों में सामुदायिक भवनों का निर्माण किया जाएगा, उनके रखरखाव की जिम्मेदारी ग्राम पंचायत की होगी।

  • योजना के तहत चयनित गांवों में 125 वर्ग मीटर में एक हॉल, दो कमरे मय सोलर रुफटॉप का निर्माण किया जाएगा। सबसे अधिक 103 गांव श्रीगंगानगर जिले में चयनित किये गये हैं। इसके बाद भरतपुर 68, अलवर 47, बाड़मेर 33, जोधपुर व दौसा 31-31 सहित प्रदेश के 32 जिलों के चयनित गांवों में सामुदायिक हॉल/भवन बनेंगे।

आर्थिक सहयोग

प्रत्येक गांव में 25-25 लाख रुपये की लागत के सामुदायिक हॉल, भवनों का निर्माण होगा। यह योजना सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के उपक्रम राष्ट्रीय अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम, द्वारा संचालित की जा रही है।