national taxation award-2022


  • दिल्ली में आयोजित समारोह में टैक्स इंडिया ऑनलाइन नॉलेज फाउण्डेशन द्वारा नेशनल टैक्सेशन अवार्ड -2022 की घोषणा 9 नवंबर, 2022 को की। इसके तहत राजस्थान सरकार को टैक्स प्रबंधन में सबसे अधिक सुधारवादी राज्य (Most Reformist State) एवं स्टेट गुड्स एंड सर्विस टैक्स/वैट कैटेगरी (SGST/VAT Category) श्रेणियों में 'गोल्ड अवार्ड' दिया गया। 


स्टेट वैट श्रेणी 

  1. गोल्ड अवार्ड — राजस्थान सरकार  
  2. रजत अवार्ड — ओड़िशा एवं उत्तर प्रदेश
  3. जूरी अवार्ड — महाराष्ट्र तथा छत्तीसगढ़ 



इन कार्यों के लिए मिला गोल्ड अवार्ड


  • राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत के कुशल नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा आई.एफ.एम.एस. प्लेटफॉर्म पर नवाचार किया गया। इसमें व्यावहारिक परिवर्तन किये गए, प्रक्रियाओं का मानकीकरण एवं मानवीय हस्तक्षेप में कमी करने से इसे और अधिक जन उपयोगी बनाया गया, जिससे भुगतान एवं राजस्व एकत्र करने में मदद मिली है। 
  • इसी प्रकार राज्य कर विभाग द्वारा जीएसटी कानून के करों की प्रभावी वसूली की गई, जिससे गत वर्ष की तुलना में 26 प्रतिशत अधिक राजस्व एकत्रित हुआ है। 
  • राज्य सरकार द्वारा वर्षों से लम्बित बकाया राशि के निष्पादन के लिये एमनेस्टी योजना-2021 एवं 2022 की घोषणा कर लगभग 8 लाख रुपये से अधिक प्रविष्टियां समाप्त कर व्यवहारियों को राहत दी है। इसी क्रम में वर्ष 2022-23 के बजट में व्यवहारी सुविधा केन्द्र की स्थापना तथा जीएसटी कानून के तहत ई-वे बिल की सीमा एक लाख रुपये तक बढ़ाकर व्यवहारियों को राहत प्रदान की है।


टैक्स इंडिया ऑनलाइन नॉलेज फाउण्डेशन की स्थापना कब की गई?

  • टैक्स इंडिया ऑनलाइन नॉलेज फाउण्डेशन की स्थापन वर्ष 2000 में की गई। यह ऑनलाइन मीडिया के रूप में प्रमुख स्टार्ट-अप कंपनी के रूप में स्थापित है। 
  • फाउण्डेशन द्वारा कर प्रबंधन में सुधार करने वाले तथा करदाताओं के योगदान को स्वीकार करने वाले राज्यों और कर कानूनों की पालना करने वाले करदाताओं, प्रौद्योगिकी सेवा प्रदाताओं, कर दाता हितैषी आयुक्तों एवं कर प्रबंधन के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले नीति निर्माताओं इ​त्यादि सहित नौ श्रेणियों में दिया जाता है। 
  • इसके द्वारा वर्ष 2020 से इन पुरस्कारों की शुरूआत की गई। 


जूरी के सदस्य

  • सर्वोच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त जज, भारत सरकार के सेवानिवृत्त उच्च पदाधिकारी तथा केन्द्रीय उत्पाद और सीमा शुल्क बोर्ड के सेवानिवृत्त सदस्य पुरस्कारों की जूरी में सदस्य होते हैं।