कहते है भोजन में दाल अगर हर रोज शामिल हो तो वह पूर्ण आहार कहलाता है। दालों में प्रोटीन के साथ कई पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो हमारी सेहत के लिए बहुत फायदेमंद है। तो आइए जानते हैं मसूर की दाल का फायदे और नुकसान-

पाचन को बेहतर बनाती है


मसूर की दाल में कई खूबियां हैं। इसमें फाइबर अच्छी मात्रा में मौजूद रहता है। फाइबर हमारे पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है। यदि आप कब्ज, दस्त, आंतों की सूजन आदि से परेशान हैं तो आपके लिए यह बेहतर है कि आप अपने आहार में मसूर की दाल शामिल करें। यह दाल आपके पेट से संबंधित समस्याओं को दूर करने में प्रभावी रहती है।

कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करने में सहायक


मसूर की दाल में घुलनशील फाइबर की अच्छी मात्रा होने से यह रक्त में कोलेस्ट्रॉल को कम करती है। कोलेस्ट्रॉल कम होने से हृदय संबंधी परेशानियों में राहत मिलती है। इसमें फोलेट और मैग्नीशियम भी अच्छी मात्रा में होते हैं जो हृदय को स्वस्थ रखते हैं। मैग्नीशियम शरीर में रक्त प्रवाह और ऑक्सीजन की मात्रा बढ़ाता है।

मधुमेह में फायदेमंद


मसूर की दाल इंसुलिन और प्लाज्मा ग्लूकोज को नियंत्रित करने में सहायक होती है। यह दाल रक्त प्रभाव में चीनी के स्तर को नियंत्रित करने का गुण रखती है। इस प्रकार मसूर की दाल मधुमेह रोग को दूर करने में सहायक है। यदि किसी में मधुमेह टाइप—2 के लक्षण है तो आपको नियमित रूप से मसूर की दाल खानी चाहिए।

मानसिक स्वास्थ्य


विटामिन खनिज और सूक्ष्म पोषक तत्व मस्तिष्क और तंत्रिका तंत्र के लिए फायदेमंद होते हैं। मसूर की दाल में उपस्थित पोषक तत्व और विटामिन मानसिक स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होते हैं। मानसिक विकार करने वाले लोगों और सामान्य स्वास्थ्य बारे लोगों को मसूर की दाल खानी चाहिए।

त्वचा में निखार


मसूर दाल में बहुत से पोषक तत्व होते हैं जो त्वचा संबंधी विकारों को दूर करने में सहायक होते हैं। मसूर की दाल के आटे का पेस्ट बनाकर अपनी त्वचा और चेहरे पर मास्क के रूप में उपयोग कर सकते हैं। मसूर दाल चेहरे की त्वचा के विकारों को दूर करती है। मुहांसों, फुंसियों से छुटकारा दिलाती है। मसूर की दाल के इस्तेमाल कर हम अपनी त्वचा में निखार ला सकते हैं।

अधिक ऊर्जा


मसूर में बहुत से पोषक तत्व भरपूर मात्रा में पाये जाते हैं। इनमें आयरन और कॉपर भी शामिल हैं। ये तत्व हमारे शरीर को ऊर्जा देते हैं। आयरन हमारे शरीर में रक्त की कमी को दूर करके एनीमिया से बचाता है। इस तरह मसूर दाल का नियमित सेवन कर ऊर्जा को बढ़ा सकते हैं।

ए​हतियात रखना जरूरी


मसूर की दाल के इस्तेमाल में कुछ एहतियात यानी सावधानी बेहद जरूरी है। मसूर की दाल अधिक मात्रा में खाने से गुर्दे को नुकसान पहुंच सकता है। गुर्दे की विफलता का कारण बन सकती है। ज्यादा इस्तेमाल से गुर्दे खराब हो सकता है। जरूरत से ज्यादा मसूर की दाल खाने पर गैस की समस्या से जूझना पड़ सकता है।

मसूर की दाल में ऑक्सलेट यौगिक अधिक मात्रा में पाये जाते हैं। जिससे गुर्दे के पथरी का निर्माण हो सकता है। ऐसे में यदि आप पहले से ही पथरी से पीड़ित है तो आपको मसूर का सेवन करने से बचना चाहिए। यदि आप किसी विशेष प्रकार की दवा का सेवन कर रहे हैं तो मसूर का उपयोग करने से पहले अपने डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है। ऐसे में डॉक्टर की सलाह से ही इसका इस्तेमाल सही रहता है।