• जहां दुनिया ग्लोबलाइजेशन की ओर बढ़ने की बात कर रही हैं वहीं दूसरी ओर कई मुद्दों पर कई देश बंटे हुए नजर आता है। हम सच्चे अर्थों में ग्लोबलाइजेशन चाहते ही नहीं हैं, कहते हैं भारत विश्व गुरू था जोकि सही है। भारत का इतिहास यही कहता है उसने यदि प्राचीनकाल में उपनिवेशन को बढ़ावा दिया होगा तभी शायद मानवहितों को कभी कट्टरता के नुकसान नहीं पहुंचाया होगा।
  • आज ग्लोबलाइजेशन की बातें होती हैं परन्तु किस अर्थ में केवल व्यापार को लेकर हम ग्लोबलाइजेशन की ओर बढ़ रहे हैं। कारण यह है कि विकसित देशों में लोग कम है और तैयार माल के खरीददार कम। यही कारण है कि वे देश भारत जैसे अधिक जनसंख्या वाले देशों के सामने ग्लोबलाइजेशन का कंसेप्ट रख कर अपने व्यापार को बढ़ाना चाहते हैं। ताकि उन्हें एक मजबूत बाजार मिल सके।
  • परन्तु आज भारत पर जिस प्रकार के आतंकी हमले हो रहे हैं पूरा विश्व बंटा नजर आता है। जहां चीन भारत के पक्ष में नहीं है वहीं यूएसए भारत का पक्ष ले रहा है।
  • हमने देखा देश में देशभक्ति बहुत हैं परन्तु आर्थिक हित आते ही हम बंट जाते हैं कारण साफ है मुनाफा ज्यादा महत्त्वपूर्ण है।
  • आज ग्लोबलाइजेशन और नि:शस्त्रीकरण के चलते भी कई देशों में हथियारों व रक्षा बजट को लेकर होड़ देखी जा रही है उससे तो साफ है कि विकसित देश कभी नहीं चाहेंगे की दुनिया में शांति कायम हो।
  • कई देश अपनी सुरक्षा के नाम पर दिन-प्रतिदिन रक्षा बजट में वृद्धि कर रहें हैं और अंतर्राष्ट्रीय संगठन बस मौनभाव से देख रहें हैं।
  • जहां भारत अपनी ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ की छवि को बनाने में लगा है वहीं पड़ौसी देशों की ओर से आतंकी घटनाओं, घुसपैठ व सीमाओं को लेकर भारत को भी रक्षा बजट बढ़ाना पड़ रहा है।

ग्लोबलाइजेशन के तहत बढ़ रही हथियारों की होड़ में दुनिया के किस देश का रक्षा बजट कितना है, आइए जानते हैं —
  • 1 फरवरी, 2019 को भारत के वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने अंतरिम बजट पेश किया और उसमें अपने देश की सुरक्षा के लिए रक्षा बजट का आवंटन 3 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का होगा। रक्षा बजट में पहली बार इतनी बड़ी धन राशि का आवंटन करना साफ बताता है कि सीमा की सुरक्षा करना कितना जरूरी है। आम चुनाव से पहले पेश 2019 के बजट में वित्त मंत्री ने रक्षा क्षेत्र के लिए खजाना खोल दिया है।
  • दरअसल, पड़ौसी देशों के रवैये को देखते हुए रक्षा क्षेत्र में बजट की अधिक राशि की मांग काफी समय से उठ रही थी। इसको देखते हुए ही यह कदम उठाया गया है। इसकी बड़ी वजह ये भी है हमारे पड़ोसी देश खासकर चीन और पाकिस्तान लगातार अपनी रक्षा जरूरत को पूरा कर रहे हैं। इतना ही नहीं पाकिस्तान और चीन ने पिछले बजट में इस क्षेत्र में जबरदस्त वृद्धि की थी। इसको देखते हुए भारत का रक्षा बजट काफी खास है।
  • वर्ष 2018 में रक्षा बजट पर खर्च के मामले में दुनिया में 6वें स्थान पर आता था।
  • आइए अब जान लेते हैं कि दुनिया के कुछ बड़े देशों का रक्षा बजट कितना है।

संयुक्त राज्य अमेरिका
  • दुनिया का सबसे ताकतवर देशों में शुमार संयुक्त राज्य अमेरिका।
  • सुरक्षा का रक्षा बजट 596 बिलियन डॉलर है, जोकि उसकी कुल जीडीपी का 3.3 फीसदी है।

चीन
  • रक्षा पर खर्च के मामले में एशिया महाद्वीप में पहला व दुनिया का दूसरा देश है चीन। कुल रक्षा बजट 215.0 बिलियन डॉलर है जोकि उसकी की जीडीपी का 1.9 फीसदी है।

सऊदी अरब
  • तेल का उत्पादन करने वाले देश सऊदी अरब का रक्षा बजट 87.2 बिलियन डॉलर है जोकि उसकी कुल जीडीपी का 13.2 फीसदी है।
रुस
  • क्षेत्रफल की दृष्टि से दुनिया का सबसे बड़ा देश रुस है और वह अपने रक्षा बजट पर खर्च के मामले में चौथे स्थान पर आता है। रुस का कुल रक्षा बजट 66.4 बिलियन डॉलर है जोकि उसके कुल जीडीपी का 5.4 फीसदी है। रुस दुनिया में हथियारों के सबसे बड़े निर्यातको में से एक है।

ब्रिटेन
  • दुनिया में रक्षा बजट पर खर्च के मामले में ब्रिटेन 5वें स्थान पर है। ब्रिटेन का कुल रक्षा बजट 55.5 बिलियन डॉलर है जोकि उसकी जीडीपी का 2.0 फीसदी है। ब्रिटेन अपने रक्षा बजट पर किसी भी यूरोपीय देश से ज्यादा खर्च करता है।

फ्रांस
  • फ्रांस रक्षा बजट पर खर्च के मामले में 7वें स्थान पर आता है। फ्रांस का कुल रक्षा बजट 50.9 बिलियन डॉलर है जोकि फ्रांस की कुल जीडीपी का 2.1 फीसदी है।

जापान
  • अपनी सुरक्षा पर खर्च के मामले में जापान दुनिया में 8वें स्थान पर है। जापान का कुल रक्षा बजट 43.6 बिलियन डॉलर है जोकि उसकी कुल जीडीपी का 1.4 फीसदी है।

जर्मनी
  • जर्मनी रक्षा खर्च के मामले में दुनिया में 9वें स्थान पर है। जर्मनी का कुल रक्षा बजट 39.4 बिलियन डॉलर है जोकि जर्मनी की जीडीपी का 1.2 फीसदी है।

दक्षिण कोरिया
  • दक्षिण कोरिया रक्षा बजट पर खर्च के मामले में 10वें स्थान पर आता है। दक्षिण कोरिया की सुरक्षा का ज्यादातर भार अमेरिका के हिस्से में है, खासकर कि अमेरिकी युद्धपोत हर वक्त दक्षिण कोरिया की समुद्री सीमा में तैनात रहते हैं।
पाकिस्तान
  • पाकिस्तान सरकार का रक्षा बजट करीब 9.6 बिलियन डॉलर का है। 2017-18 की तुलना में इस बजट में करीब 20 फीसद की वृद्धि की गई थी।