नई दिल्ली (जेएनएन)। विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूइएफ) की बैठक में हिस्सा लेने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दावोस के लिए रवाना हो गए हैं। स्विट्जरलैंड के दावोस में 23 जनवरी से 27 जनवरी तक यह सम्मेलन होने जा रहा है। यह पहली बार होगा, जब कोई भारतीय प्रधानंत्री इस सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे। दावोस में पीएम मोदी डब्ल्यूइएफ के कार्यक्रम में शामिल होंगे और उद्घाटन भाषण देंगे। इस मंच पर पीएम मोदी पूरे विश्व के सामने भारतीय अर्थव्यवस्था पर बार करेंगे।

बता दें कि आज शाम छह बजे पीएम मोदी दावोस पहुंच जाएंगे। दावोस यात्रा से पहले उन्‍होंने कहा कि वह अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साथ भविष्य में भारत के संबंधों पर अपना दृष्टिकोण साझा करेंगे।

मंगलवार को पीएम मोदी के योग मंत्र और भारतीय व्यंजनों के साथ दावोस सम्मेलन की शुरुआत होगी। दुनिया भर के निवेशकों के बीच भारत की ब्रांडिंग करने के लिए पीएम मोदी के साथ छह केंद्रीय मंत्रियों का दल भी होगा। भारतीय उद्योग जगत का भी एक बड़ा दल हिस्सा लेगा, जो भारत की निवेश की अनुकूल छवि को पेश करेगा।


यह पहला मौका होगा, जब विश्व आर्थिक मंच पर योगाभ्यास किया जाएगा। इसके लिए पतंजलि के दो आचार्य भी दावोस के लिए रवाना हुए हैं। ये दोनों सुबह और शाम को योग कराएंगे। डब्‍लूइएफ के पांच दिन के सम्मेलन में व्यापार, राजनीति, कला और शिक्षा समाज से जुड़े करीब 3,000 से ज्यादा शख्सियत शामिल होंगे। भारत की ओर से 130 से ज्यादा प्रतिभागी शिरकत कर रहे हैं। वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की यह 48वीं बैठक है।


ये 20 साल बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री का दावोस दौरा होगा। इससे पहले 1997 में एचडी देवगौड़ा और 1994 में नरसिंहराव यहां गए थे। गौरतलब है कि मोदी और ट्रंप पिछले साल दो बार मिल चुके हैं। दावोस में पीएम मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप की मुलाकात हो सकती है। ट्रंप और मोदी के बीच पहली मुलाकात वॉशिंगटन डीसी में और दूसरी मुलाकात आसियान बैठक के दौरान हुई थी और इस साल 2018 की शुरुआत में दोनों की फिर से मुलाकात होने जा रही है। दोनों शीर्ष नेताओं की ये मुलाकात भारत के संदर्भ में काफी अहम मानी जा रही है।

60 देशों के राष्ट्राध्यक्ष अौर 350 राजनीतिक नेता हिस्सा लेंगे
दावोस में होने वाली डब्ल्यूईएफ की इस बैठक को अभी दुनिया में आर्थिक गतिविधियों का सबसे बड़ा केंद्र माना जाता है। इस बार 60 देशों के राष्ट्राध्यक्ष, जबकि 350 राजनीतिक नेता इसमें हिस्सा लेंगे। हर देश इस सम्मेलन के जरिए अपने निवेश के अनुकूल छवि पेश करने की कोशिश करता है। इसके पहले 1997 में तत्कालीन प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा ने दावोस की बैठक में हिस्सा लिया था।